वर्जिन आर्मी-चोदा-चुदाई / Virgin Army choda chudai

वर्जिन आर्मी-चोदा-चुदाई-1 / Virgin Army choda chudai-1

दोस्तो, मैं अपना नाम नहीं बताऊँगा बस इतना कहूँगा कि मैं एक 22 साल का लड़का हूँ।

राजस्थान के जोधपुर से हूँ। अच्छी पढ़ाई कर रहा हूँ, और सी ए की तैयारी कर रहा हूँ। मैं आपको आज ऐसी कहानी सुनाने जा रहा हूँ जिसने मेरी ज़िन्दगी बदल दी।

बात आज से एक साल पुरानी है जब मैं अपने किसी ऑफिस के काम से किसी क्लाइंट से मिलने गया। मुझे मेरे ऑफिस से होटल का नाम पता देकर बोला गया कि उस क्लाइंट से मिलकर आओ, वो उस होटल में रुके हुये हैं।

उसने मुझे पूछा, “कौन?”

मैंने कहा- मैं सी ए फ़र्म से हूँ, और मैं यहाँ आपसे मिलने आया हूँ।

उसने कहा- अन्दर आओ।

मैं अन्दर गया और उसने मुझे बैठने को कहा। आपको उस औरत के बारे में बता दूँ। उसकी उम्र 35 साल है। वो एकदम गोरी और सुन्दर हॉट सैक्सी माल थी।

थोड़ी देर बाद वो कोल्ड ड्रिंक लेकर आई और मुझे कहा- पियो।

मैंने कहा- आप पहले।

उसने कहा- क्यों?

मैंने कहा- आप जोधपुर में हैं और यहाँ पहले औरत को सम्मान दिया जाता है।

उसने मेरी तरफ देखा और हँसी।

मुझसे पूछा- तुम इस काम के अलावा और क्या-क्या करते हो?

मैंने कहा- कुछ नहीं, दिन भर इसी में निकल जाता है।

उसने कहा- तुम मुझे अपने जोधपुर के बारे में क्या-क्या बता सकते हो?

मैंने पूछा- क्या-क्या जानना है?

उसने कहा- सब कुछ जानना हैं।

मैंने उसे पूरे जोधपुर के बारे में बताया। इस तरह हमारी दोस्ती शुरू हो गई।

मैंने पूछा- आपके पति कहाँ हैं?

उसने कहा- वो शाम तक आयेंगे।

मैंने कहा- मैं चलता हूँ।

उसने कहा- तुम मेरे अब एक अच्छे दोस्त हो। मुझे जोधपुर नहीं दिखाओगे?

मैंने कहा- मुझे ऑफिस में रिपोर्ट करना है। उसने दि मिनट रुकने को कहा, अपने पति से फोन पर कुछ बात की। पांच मिनट बाद मेरे बॉस का फ़ोन आया कि जब तक वो क्लाइंट न आए तुम भी मत आना। उनसे बात करके ही आना।

मैंने कहा- ठीक है।

उसने कहा- अब चलें?

मैंने कहा- जैसी आपकी आज्ञा मैडम।

उसने कहा- मुझे मैडम नहीं, दोस्त कहो।

मैंने कहा- तुमने मुझे दोस्त माना है तो मेरी एक बात मानोगी?

उसने पूछा- क्या बात है बोलो?

मैंने कहा- तुम टी-शर्ट और जींस में चलो।

उसने कहा- ठीक है।

थोड़ी देर में वो कपड़े बदल कर आई तो ऐसे लग रही थी जैसे धरती पर कोई परी उतर आई हो। उसको देख कर मेरे मुँह से निकल गया ‘सैक्सी’ और वो हँस पड़ी।

पूरे दिन हम घूमे और वो बहुत खुश हुई। शाम को वापिस होटल पहुँचे तो उसके पति ने कहा कि उसने रिपोर्ट देख ली है और वो काफी खुश है। उसने कहा- एक-दो पॉइंट पर बात करनी है, मैं तीन दिन के लिए बाहर जा रहा हूँ। तुम मेरी बीवी को समझा देना।

मैंने कहा- ठीक है।

उसने कहा- तीन दिन तुम मेरी बीवी के पास ही रहना। उसे ये पॉइंट दिमाग में लेना जरुरी है। मैं तुम्हारे बॉस से बात कर लूँगा।

अगले दिन सुबह मेरे पास बॉस का फ़ोन आया और वही कहा कि तीन दिन वहीं जाना है।

मैं होटल पहुँचा, रूम की घण्टी बजाई और उसने दरवाजा खोला। दरवाजे के बाहर उसका केवल चेहरा था, उसने कहा- अन्दर आओ।

मैं अन्दर गया और उसने दरवाजा बंद किया। जैसे ही मैंने उसे देखा तो वो एक पारदर्शी नाइटी में थी। मेरा मुँह खुला रह गया।

वो मुझे देख कर खिलखिलाई और बोली- कल तुमने मुझे ‘सैक्सी’ कहा था आज क्या कहोगे?

मैंने कहा- लाजवाब !

वो फिर हँस पड़ी और कहा- मेरे पति 5 बजे जा चुके हैं, मैं तुम्हारा इंतज़ार कर रही थी।

उसने कहा- कल तुमने मेरे लिए इतना कुछ किया इसलिए मैं तुम्हें आज अपने तरीके से धन्यवाद दूँगी।

मैंने कुछ नहीं बोला बस उसके हुस्न का दीदार करता रहा। वो मेरे पास आई और जोर से मुझे गले लगाया। मैंने भी उसको गले लगाया सोचा दोस्ती वाली झप्पी होगी।

उसकी झप्पी से मुझे कुछ-कुछ होने लगा। मेरा लण्ड खड़ा होने लगा और खड़ा होने के बाद उसकी चूत से रगड़ने लगा। मैंने उसे हल्का सा अलग करने की कोशिश की लेकिन वो हटना नहीं चाहती थी।

उसने कहा- मैं खुद हट जाऊँगी।

पाँच मिनट बाद वो मुझसे अलग हुई और मेरा हाथ पकड़ कर बेड पर ले गई।

मैंने कहा- तुम बहुत खूबसूरत हो।

उसने कहा- पता हैं और मैं अपनी खूबसूरती तुम्हारे साथ बाँटना चाहती हूँ।

उसने मुझे चूमना शुरू कर दिया, मैंने भी उसका साथ दिया, मैं उसको चूमते वक़्त उसकी चूचियाँ सहलाने लगा। ऐसा 15 मिनट तक चलता रहा। मैंने उसे काफी गर्म कर दिया था और उसने मुझे।

वो अलग हुई और खुद के और मेरे सारे कपड़े उतार दिए और मेरे पैरों के बीच घुटनों के बल बैठ गई। मेरा लण्ड जो खड़ा था, उसको पकड़ कर कुछ देखने लगी।

और पूछा- पहली बार सैक्स करोगे? तुम वर्जिन हो?

मैंने ‘हाँ’ में सर हिला दिया।

उसने कहा- आज यह कुँवारापन मुझे दे देना।

मैंने कहा- ले लो।

उसने फिर उसे पकड़ कर चूसना शुरू किया मैं 5 मिनट में झड़ गया। मुझे शर्म आई और मैंने सर घुमा लिया।

उसने कहा- ऐसा होता है न पहली बार।

उसने मुझे किस करना शुरू किया और मैंने भी उसका साथ दिया और फिर बेड पर ले जाकर मैं उसके एक-एक अंग को चूमने लगा। वो पागल हुए जा रही थी। जब मैंने उसकी चूत को चूसना शुरू किया तो दो मिनट में ही वो झड़ गई।

उसने मेरी तरफ देख कर कहा- आज तक इतनी अच्छी तरह से प्यार मेरे पति ने भी नहीं किया। आज मैं पहली बार इतनी जल्दी झड़ी हूँ।

वो मुझ से लिपट गई।

उसने कहा- अब तुम लेट जाओ।

वो मेरे ऊपर आई तो मैंने उसे रोका और कहा- मैं ऊपर से करना चाहता हूँ।

उसने कहा- पहली बार है, मुझे करने दो आखिरकार मैं तुम्हारी दोस्त हूँ, मेरी बात मानो। जब हम औरतें सैक्स करती हैं तो हमारे पति हम पर हुकुम चलाते हैं। मुझे आज तुम जैसे दोस्त के ऊपर हमें हुक्म चलाने दो न प्लीज़।

उसकी गुजारिश मैंने मान ली और मैंने आँखों में उसे हाँ कह दिया। उसने अपनी चूत मेरे लण्ड पर टिकाई और कमर को जोर से धक्का दिया, मेरे लण्ड की चमड़ी फट गई। लण्ड के आधे घुसने के कारण हम दोनों की चीख निकल गई।

उसने मेरी तरफ देखा और हँसी- लो मैंने तुम्हारी सील तोड़ दी। पर अभी आधा काम बाकी है।

मैंने ‘हाँ’ कहा। उसने फिर जोर का झटका दिया और मेरा 7 इंच का लण्ड उसकी बच्चेदानी से टकराया।

‘आहा ह हा ह हा !’ मजा आ गया उसका स्वर आनन्द से लबरेज था।

वो ऊपर-नीचे होने लगी। पूरे कमरे में उसकी आवाजें आने लगी “आ…आ…इ…इ इ ई ई ई ! और जोर से, मस्त लण्ड है तेरा.. चोद डाल मुझे.. आ… आ… आ आ.. ई यी इ इ… इ इ इ इ……”

मैं भी उसका साथ देने लगा और थोड़ी देर 5 मिनट के बाद मेरे लण्ड ने फूलना शुरू किया। मैंने जैसे ही उसे कहना चाहा, उसी समय मेरे लण्ड ने लावा उगलना शुरू कर दिया। उसके साथ वो भी झड़ गई।

मुझे फिर शर्म आई और मैंने उसकी ब्रा उठा के अपने मुँह पर रख ली।

उसने वो ब्रा हटाई और कहा- पहली बार है। ऐसा होता है और आज पहली बार मुझे भी मज़ा आया।

और उसने मेरे लौड़े पर से अपनी चूत हटाई और मेरी पास लेट गई। मैंने अपने लण्ड को देखा तो वहाँ खून था।

उसने मुस्कुरा कर कहा- आज मैंने तुम्हारी इज्जत लूटी है।

और मैं हँसने लगा।

थोड़ी देर और हमनें अपना दूसरा राउंड शुरू किया। एक-दूसरे को होंठों से चूसा। मेरे लण्ड महाराज फिर खड़े हो गए। मैंने इस बार उसके पैर पकड़े और मुँह उसकी चूत पर रख दिया।

उसने चुटकी ली- बेटा बड़ा हो गया।

मैं उसकी चूत चूसने लगा तो उसने कहा- यहाँ अपनी उंगली से रगड़ो।

मैंने वो किया तो वो सिहर उठी। मैंने उसके भगनासा को रगड़ना जारी रखा।

थोड़ी देर में वो सिसकारने लगी- डाल दो अब अन्दर, रहा नहीं जा रहा हैं।

मैं उठा उसके तशरीफ़ के नीचे एक तकिया लगाया और लण्ड को चूत पर फिराने लगा। वो तो पागल हुई जा रही थी। बार-बार कह रही थी ‘डाल न !’

मैंने चूत पर अपना मूसल टिकाया और धक्का मारा। मेरा लण्ड घुस ही नहीं पाया। उसने मेरे लण्ड को पकड़ कर चूत पर सही जगह रखा। मैंने जोर से धक्का मारा। लण्ड पूरा अन्दर चला गया। मुझे धीरे-धीरे गर्म-गर्म लगने लगा।

उसकी गालियों भरी आवाजें आने लगीं ‘चोद डाल हरामजादे ! रात भर तूने मेरी नींद लूटी है.. आज मेरी ले रहा है.. चोद और जोर से.. आ आ आ आ ई इ स…साले तेरी कोई आज तक किसी ने नहीं ली ! आज मैंने ली है ! चोद डाल ! मैं तेरी रांड हूँ ! तुझे मालामाल कर दूंगी ! आ…आ अ…इइई…ई…ई…ईईई इ इ आइअअइ आहा ! मज़ा आ रहा है। लगा रह !”

मैं धक्के देता रहा।

वो ‘फक-मी’ ‘फक-मी’ बड़बड़ाती ही जा रही थी।

मैं धक्कों पर धक्का लगाता गया 7-8 मिनट बाद वो झड़ी लेकिन मैं लगा रहा, वो फिर तैयार हुई। मेरे झटकों का साथ देने लगी।

दस मिनट बाद मेरा लण्ड फूलने लगा, मैंने पूछा- कहाँ छोड़ूँ?

उसने कहा- अन्दर ही।

उसका शरीर भी अकड़ने लगा और हम दोनों साथ में झड़ने लगे और फिर हम दोनों लेट गए।

उसने कहा- तुमने आज मेरी बात मानी, मैं तुम्हे कुछ देना चाहती हूँ।

मैंने कहा- नहीं तुमने मुझे अपनी दोस्ती दी है, मुझे कुछ नहीं चाहिए।

उसने ज़बरदस्ती हाथ में दिए और कहा- तुम अपना नंबर दो !

और मैंने दे दिया, मैंने पूछा- तुम लेडीज़ को इतना मज़ा आता है। जब तुम्हारी कोई बात मानता है।

उसने कहा- हाँ।

मैंने कहा- ऐसी कितनी लेडीज़ होगी जिनका पति उनके साथ ज़बरदस्ती करता है, उनको कितना बुरा लगता है?

उसने कहा- हां, मेरे पास भी ऐसी एक दोस्त हैं उसे भी लाइफ में कभी मज़ा नहीं आया।

मैंने कहा- नेकी और पूछ-पूछ !

उसने कहा- हम पार्टनरशिप करते हैं।

मैंने पूछा- कैसी?

वो बोली- तुम ऐसे लड़के देखोगे जो वर्जिन हों, मैं ऐसी लेडीज़ देखूंगी जो संतुष्ट न हों, दोनों को मिलवाएँगे और प्रोफिट आधा-आधा।

मैंने कहा- ठीक है, लेकिन हम इसमें हाई-लेवल की लेडीज़ को ही लेंगे। इससे हमारी कंपनी की गोपनीयता भी बनी रहेगी और नाम भी बदनाम नहीं होगा।

उसने कहा- ठीक है।

मैंने कहा- नाम बता दो कंपनी का?

उसने कहा- वर्जिन आर्मी।

मैंने कहा- ओके।

फिर उसको मैंने 3 दिन खूब घुमाया, सैक्स भी खूब किया। आज हमारी कंपनी में प्रोफिट ही प्रोफिट है। हम दोनों आज भी अच्छे दोस्त हैं।