मेरी चाहत अधूरी रह गई / Meri chahat adhuri reh gayi

मेरी चाहत अधूरी रह गई / Meri chahat adhuri reh gayi

l2starnest के सभी पाठकों को मेरी तरफ से नमस्कार !

मैं 23 वर्षीय मध्यम रंग का 5’10’ कद का सामन्य दिखने वाला लड़का हूँ। मैंने l2starnest की लगभग सभी कहानियाँ पढ़ी हैं और यह मेरी पसंदीदा वेबसाइट बन गई है, कई कहानियाँ तो सच्ची लगती हैं तो कई झूठी भी लगती हैं। मेरी भी कहानी कुछ ऐसी ही जिस पर हर कोई विश्वास नहीं कर सकेगा।

बात 2008 की है जब मैं इंटरमीडिएट के आखिरी वर्ष में परीक्षा की तैयारी कर रहा था। मेरी एक लड़की से दोस्ती हुई जिसके पीछे मैं कई साल से लगा था और दसवीं में जाकर उससे दोस्ती हुई थी। मैंने इंटर की परीक्षा के बाद उससे अपने प्यार का इजहार कर दिया था और उसने भी मान लिया था।

उसके बाद से हम अक्सर मिलने और साथ में घूमने लगे थे। आपस में प्यार भरी बातें, शादी की और बच्चों की भी बातें करने लगे थे। यहाँ मैं उसका नाम नहीं लिख रहा हूँ।

एक दिन की बात है, कॉलेज ख़त्म होने पर उसने मुझे कॉल किया और कहा कि वो मुझसे मिलना चाहती है।

मैंने कहा- मैं आता हूँ।

थोड़ी देर में मैं उसके पास पहुँच गया। उसके बाद हम पार्क जाकर कुछ बातें कर रहे थे कि वो अचानक से बोली- मैं अब बाहर नहीं मिलना चाहती हूँ, तुम कॉलेज के ही पास रूम किराए पर लेकर रहो, मैं वहीं पर आया करुँगी।

मैंने बहुत पूछा पर उसने इसका कोई कारण नहीं बताया।

मैंने अपने एक दोस्त से जो कॉलेज से थोड़ी ही दूर था, से बात की और वो राजी हो गया। वो दिन भर कमरे पर नहीं रहता था। इसलिए हम आराम से वहाँ पर मिल सकते थे।

मैंने जब अपनी गर्लफ्रेंड को बताया तो वो बहुत खुश हुई और मुझे फ़ोन पर ही चुम्मा देने लगी तो मैंने कहा- मेरी आज तक हिम्मत ही नहीं हुई कि मैं तुमसे चुम्मा लूँ पर आज तो बिना मांगे ही मिल रहा है। कमरे पर जब अकेले रहेंगे तब मुझे चुम्मा चाहिए।

उसने कहा- मैं दूँगी।

अगले दिन हम मिले और मैं उसे लेकर अपने दोस्त के कमरे पर गया। थोड़ी देर बात करने के बाद लगा कि जैसे वो नशे में झूमती हुई बातें कर रही हो।

अचानक से उसने कहा- मैंने कल कॉलेज में कुछ देखा, जो बताने में शर्मा आ रही है।

मैंने कहा- मुझसे किस बात की शर्म है।

उसने कहा- मैंने कल एक लड़के और एक लड़की को कॉलेज के कोने में वो करते देखा जो इंग्लिश फिल्मो में होता है।

मैंने पूछा- खुल कर बताओ कि क्या देखा?

उसने मुझे पास आने को कहा। मैंने जैसे ही अपना कान उसके पास किया, उसने मेरे गाल पर एक चुम्मी ली और शरमा कर दूसरी तरफ घूम गई।

मैं समझ गया कि उसका भी मन है कुछ करने को, मैंने उसका चेहरा अपनी तरफ घुमाया और उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिये और चूमने-चूसने लगा।

धीरे धीरे मैं उसके गाल, कान, और गर्दन तक पहुँच गया।

अचानक वो जो बोली उससे मुझे अपने कानों पर विश्वास नहीं हुआ, उसने कहा- सिर्फ होंठों को ही चूमोगे?

मैंने पूछा- तो बताओ कहाँ कहाँ चूमूँ?

जवाब में उसने मेरा सर अपने सीने पर दबाने लगी। मैंने उसका कमीज उसके सीने से खींच कर थोड़ा नीचे कर दिया और ढीले गले के कारण मुझे उस चीज का दर्शन हुआ जो अक्सर मैं सिर्फ सपनों में ही देखा करता था।

मुझसे से रहा न गया और झट से मैंने उसकी एक चुच्ची को मुँह में भर लिया। उसके मुँह से मद भरी सीत्कार निकल गई- आ आह ! अब मैं उसके एक निप्पल को चूस रहा था और दूसरे स्तन को दबा रहा था। बारी बारी से मैंने दोनों चूचियों को चूस चूस कर लाल कर दिया। मेरा लंड इस कदर कड़ा हो गया था जैसे पैन्ट फाड़ कर बाहर आ जायेगा।

तभी अचानक से फ़ोन की घंटी बज उठी। मेरे दोस्त का कॉल था। वो कमरे पर आ रहा था।

मेरी प्यास अधूरी ही रह गई थी, मैंने उससे कहा कि अगले दिन फिर से करेंगे। वो झट से मान गई।

दोस्त के आने पर हम चले गए और अगले दिन फिर से कमरे में पहुँच गए।

उस दिन भी वही सब चल रहा था। मैंने उससे कहा- मैं तुम्हें नंगी देखना चाहता हूँ।

उसने कहा- नहीं, सिर्फ शादी के बाद।

पर मैंने कहा- नहीं मुझे अभी देखना है।

वो नहीं मान रही थी। मैं मुँह फुला कर बैठ गई तो उसने कहा- ठीक है मैं सिर्फ कमीज ही उतारूँगी। बाकी सिर्फ शादी के बाद ही कुछ करेंगे।

मैंने कहा- ठीक है।

उसने मुझसे कहा- मुझे खुद से कपड़े उतारने में शर्म आ रही है। तुम ही उतार दो।

मैंने जोश में आकर उसे लिटा दिया और उसके ऊपर चढ़ कर उसे किस करने लगा और वो भी जोश में आकर मेरा साथ देने लगी।थोड़ी देर बाद मैंने उसका कमीज उतारना शुरू किया और उतार कर अलग कर दिया। उसने सफ़ेद रंग की ब्रा पहन रखी थी, वो शर्म के मारे अपनी चूचियों को हाथों से छुपाने लगी। तब मुझे साइज़ के बारे में कुछ भी जानकारी नहीं थी। पर अब कह सकता हूँ कि उसकी चूचियों का साइज़ ज्यादा नहीं 28-29 और कमर 30 रहे होंगे।

मैंने उसके ब्रा को भी उतार दिया, मेरी तो आँखें ही चुंधिया गई। पहली बार मैंने किसी लड़की को उस हालत में अपने सामने में देखा था। मेरा लंड काफी सख्त हो गया था और पैन्ट में होने के कारण दर्द करने लगा था। मैंने आव देखा न ताव, और उस पर टूट पड़ा। उसके पूरे बदन पर मैंने किस करना शुरू कर दिया।

वो भी मस्ती में आकर मेरा साथ जोश के साथ देने लगी। उसके मुँह से बहुत ही मादक आवाजें निकालनी शुरू हो गई- ऊहह्ह आआह्ह ! करो, जोर से करो, आआ आअह !

मैं भी उन आवाजों को सुन कर काफी ज्यादा ही जोश में आ गया और उसके चूचों और निप्पल पर दाँतों से काटने लगा।

वो दर्द से कराहने लगी और कहने लगी धीरे धीरे करने को। फिर मैं अपने हाथों को धीरे धीरे सरकाते हुए उसके सलवार में ले जाने लगा। मैंने जैसे ही उसकी पैंटी के ऊपर हाथ रखने की कोशिश की, उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और कहा- नहीं इससे आगे नहीं। मैंने अपना सब कुछ तुम्हें सौंप दिया है पर इससे आगे हम शादी के बाद ही करेंगे।

मेरा मन उदास हो गया। मैंने बुझे मन से उसकी बात मान ली। मैं उससे कहता रह गया कि मैं सिर्फ बूर को देखना चाहता हूँ पर वो नहीं मानी तो नहीं ही मानी।

मैंने भी ज्यादा जिद नहीं की।

दोस्त के आने का समय हो गया था। हमने अपने अपने कपड़े ठीक किये और बेड को भी ठीक कर दिया।

उसके बाद से हमने कई बार ऐसा ही किया पर उसने मुझे इससे आगे कभी बढ़ने नहीं दिया। मैंने भी ठान लिया की जब तक यह खुद नहीं कहेगी, मैं जिद नहीं करूँगा।

एक बार मुझे घर के काम से आउट ऑफ़ स्टेशन जाना पड़ा। मैंने उससे कहा कि मैं जल्दी ही आ जाऊँगा। बस एक महीने के लिए ही जा रहा हूँ, जल्दी ही लौट आऊँगा।

वो मेरे जाने के समय रोने लगी थी, मैंने कहा- हमारी बात तो होती ही रहेगी न।

फिर मैं अपने काम से चला गया। एक महीने बाद जब मैं वापस घर आया तो मेरे दोस्तों से पता चला कि उसने मेरे साथ बहुत बड़ा धोखा किया है। उसका मेरे अलावा और भी 2 लड़कों के साथ अफेयर था जिसके बारे में मुझे कुछ भी मालूम नहीं था।

और मेरे लौटने से एक दिन पहले ही वो एक लड़के के साथ घर छोड़ के भाग गई है। मैंने उसके फ़ोन पर बहुत कोशिश की कॉल करने पर कॉल कनेक्ट ही नहीं हो रहा था।

मैं बहुत ही उदास हो गया और गुमसुम सा रहने लगा कि मेरे साथ ही ऐसा क्यों हुआ?

मैंने बहुत कोशिश की उसके बारे में पता लगाने की, पर कोई फ़ायदा नहीं हुआ। और वो आज मेरी जिन्दगी में नहीं है।

धीरे धीरे मैं उसे भूलकर अपने पढ़ाई में ध्यान देने लगा। बाद में मेरी 2-3 गर्लफ्रेंड बनी। उनके साथ भी बहुत कुछ हुआ।